Tuesday, June 28, 2011

हसने का एक बहाना मिला....

दूनियां की भीड़ में हर कोई हमें बेगाना मिला।
बात एक दिन की नहीं दर्द हमकों रोजाना मिला।
हर ठोकर को हमने खुदा का रहम समझा।
आज कई दिनों बाद हमें हसने का एक बहाना मिला....
---दिलीप---

इक दिन इस दुनियां में हमारा भी नाम होगा

सूरज की तरह हमारा भी पहचान होगा।
गम भूलाकर हाथों में खुशी का जाम होगा।
ए जिन्दगी तु हम पर यू हसाँ मत कर।
इक दिन इस दुनियां में हमारा भी नाम होगा....
---दिलीप---

किस्मत की रेखा

हमारी इन हाथों में ये किस्मत की जो रेखा है।
जिसने हमारी खुशियों को चंद लमहों में समेटा है।
हमने में भी इस दुनियां में रिश्ते खूब बनाए थे।
जो अपने थें उनकों भी इक पल में बदलते देखा है....
---दिलीप---

बचपन के दिन.....

छोड़ दिया इक दिन तनहा मुझको जो उम्र भर हमारे थे।
कत्ल उसी ने मेरा कर दिया हम जीते जिसके सहारे थे।
ना जाने ये ज़िन्दगी किस मोड़ पर लाई है मुझको।
हमारे लिए तो वो बचपन के दिन ही कितने प्यारे थे....
---दिलीप---

Monday, June 6, 2011

साथ छूट जाये तो रिश्ते बदल जाते है....






सामने मिलने पर अपने पन का एहसास जताते हैं।
हम बस तुम्हारें है ये हमें समझातें है।
लोगों को एक पल में बदलते हमने भी देखा है।
यहां तो साथ छूट जाये तो रिश्ते बदल जाते है....
---दिलीप---

Wednesday, May 18, 2011

जिसकी तलाश थी उसको दिल पा गया है..





उनका खुमार हम पर छा गया है।
चेहरे का भोलापन इस दिल को भा गया है।
इक अरसे से मेरी नजरे ढूंढती थी किसी को।
अब लगता है जिसकी तलाश थी उसको दिल पा गया है...
---दिलीप---

यादों को क्या याद करें....















यादों को क्या याद करें ये आंखे नम कर देती है।

अच्छी तो शराब है जो हर गम को मरहम कर देती है।

जिन्दगी अब तु ही बता कैसे तुझसे प्यार करुं।

तेरी हर एक सुबह मेरी उम्र कम कर देती है।

---दिलीप---