Thursday, August 4, 2011

वो जहां रहें खुश रहें

वो जहां रहें खुश रहें ये दिल फरियाद करता है।
हर पल अपनी दुवाओ से उनकों आबाद करता है।
बीच सफ़र में जिसने तन्हा छोड़ दिया था हमे।
जाने क्यों दिल आज भी उन्हीं को याद करता है....
---दिलीप---

Tuesday, July 12, 2011

कभी-कभी ज़िन्दगी खुबशुरत सी लगती है

कभी-कभी इस दिल को किसी की जरुरत सी लगती है।

इन आंखों को हर इक शक्ल उन्हीं की सुरत सी लगती है।

जब कभी भी लेता हुं उनका नाम अपने नाम के साथ।

तो न जाने क्यों ये ज़िन्दगी और खुबशुरत सी लगती है.....

---दिलीप---

Tuesday, June 28, 2011

हसने का एक बहाना मिला....

दूनियां की भीड़ में हर कोई हमें बेगाना मिला।
बात एक दिन की नहीं दर्द हमकों रोजाना मिला।
हर ठोकर को हमने खुदा का रहम समझा।
आज कई दिनों बाद हमें हसने का एक बहाना मिला....
---दिलीप---

इक दिन इस दुनियां में हमारा भी नाम होगा

सूरज की तरह हमारा भी पहचान होगा।
गम भूलाकर हाथों में खुशी का जाम होगा।
ए जिन्दगी तु हम पर यू हसाँ मत कर।
इक दिन इस दुनियां में हमारा भी नाम होगा....
---दिलीप---

किस्मत की रेखा

हमारी इन हाथों में ये किस्मत की जो रेखा है।
जिसने हमारी खुशियों को चंद लमहों में समेटा है।
हमने में भी इस दुनियां में रिश्ते खूब बनाए थे।
जो अपने थें उनकों भी इक पल में बदलते देखा है....
---दिलीप---

बचपन के दिन.....

छोड़ दिया इक दिन तनहा मुझको जो उम्र भर हमारे थे।
कत्ल उसी ने मेरा कर दिया हम जीते जिसके सहारे थे।
ना जाने ये ज़िन्दगी किस मोड़ पर लाई है मुझको।
हमारे लिए तो वो बचपन के दिन ही कितने प्यारे थे....
---दिलीप---

Monday, June 6, 2011

साथ छूट जाये तो रिश्ते बदल जाते है....






सामने मिलने पर अपने पन का एहसास जताते हैं।
हम बस तुम्हारें है ये हमें समझातें है।
लोगों को एक पल में बदलते हमने भी देखा है।
यहां तो साथ छूट जाये तो रिश्ते बदल जाते है....
---दिलीप---